Translate

Friday, August 9, 2013

क्या हो सकता है ऐसा.......

क्या हो सकता है ऐसा.......
कि तुम छोड आओ कुछ रिश्तों को मेरे लिये,,
क्या मुमकिन है ये भी........
कि तुम तोड़ आओ कुछ वादों को हमेशा के लिये,,
क्या तुम कह सकती हो कि है ये बेवजहा...........
कुछ रस्मों- रिवाजो को,
बशर्ते मै आवाज दू तुम्हे..............
और तुम चली आओ मेरे लिये,
पर हो सकता है क्या ऐसा भी...........
कि तुम शुरुवात करो खुद से ही,
क्यूकि डरता हू मै.........
कही लफ्ज़ मेरे छोड ना दे मुझे,
तुम भले ही मानो........
खुदगर्ज़ या फिर डरपोक प्रेमी मुझको,
 या ये भी कह दो............
कि कद्र नही मुझे प्यार की,
मगर यकीन मेरा और मेरी मोहब्बत का करना,
मै बना लू तुमको अपना और छुपा लू दुनिया से........
बस मेरा सपना यही.................
क्या हो सकता है ऐसा भी,
कि तुम बदल लो अपने रास्ते मेरे लिये,
क्या मुमकिन है ये भी............
कि तुम याद करो मुझे एक बार आजमाने के लिये |
कि तुम याद करो मुझे एक बार आजमाने के लिये |

Monday, August 5, 2013

ना दोस्ती का......ना प्यार का.....
अगर कुछ है इन दोनों के बीच में...............
वो रिश्ता है तेरे और मेरे बीच में...............