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Saturday, March 30, 2013


कोशिश जितनी की तुझसे दूर जाने की,,
करीब मै उतना तेरे आता गया !
भूलना तुझे चाहा मगर,,
याद हर पल तू आता रहा !!

Tuesday, March 26, 2013

मेरी जिंदगी


सांज ढलती,चलती हवा,
और कही दूर डूबता सूरज......
लगता जैसे निगल जाइयेगा सारी खुशिया,
रात अंधेरी बन कर काल !
बिखर जाइयेगी वो पन्ने जिनमे,
दर्ज था कहानिया बन कर इतिहास.....
जल जायेगी यादे सारी,
जो देती थी होठो पर हलकी मुस्कान !
ना होगी किसी खुशी की आहट,
ना होगा कोई तीज –त्योहार !
पलके सूझती...मद्दम पड़ती मेरी साँस.........
सोजाऊगा मैं हमेशा के लिये,
बंद करके अपनी आँख !
अधूरे सपने रह जायेगे,
नदिया में बह जायेगे...........
दूर बीखरते मेरे वो कण,
फिर भी था उनमे एक अपनापन !
पर ना होगे मैयने उनके,
ना होगा कोई शाब्दिक अर्थ........
चलता चाँद.....चमकते तारे,
और एक विराम चिन्ह,
मेरी जिंदगी में लगने को तैयार !

Friday, March 22, 2013

तुकबंद

ना मै कवि हू,
ना हू मै कोई शायर !
ना मै लेखक हू,
ना हू मै कोई ग़ज़ल गायक !
ना मै पत्रकार हू,
ना हू मै कोई संपादक !
ना ही कोई गुण है...
ना ही है मेरी कोई शैली !
ना मैं गुमनाम हू,
ना मेरी कोई कहानी है !
शायद तुकबंद हु............तुकबंदी करता हु!


तुकबंद ना मै कवि हू,
ना हू मै कोई शायर !
ना मै लेखक हू,
ना हू मै कोई ग़ज़ल गायक !
ना मै पत्रकार हू,
ना हू मै कोई संपादक !
ना ही कोई गुण है...
ना ही है मेरी कोई शैली !
ना मैं गुमनाम हू,
ना मेरी कोई कहानी है !
शायद तुकबंद हु............तुकबंदी करता हु!

Saturday, March 16, 2013

चेहरे

आदमी के कई चेहरे है |
कुछ चेहरों की चमकती खुशी आईने में है,  
कभी चेहरे गम लिए परदे में है|
कुछ चेहरे महफ़िल में है,
कुछ धूधते अपनों को छाया में है|
नादान है कुछ चेहरे अभी तक,
कुछ खुनी कुछ शैतान भी है |
कुछ अनजान है अपने ही चेहरे से.......
कुछ भटकते रास्तो में है |
कुछ चेहरे अभी तक खामोश है...
कुछ परिंदों की तरह उड़ते मदहोश है|
कुछ तकते सुबह अकबार में सुर्खिया,
कुछ बनते खबर अपने आप है |
टूटे है कुछ चेहरे........
कुछ चेहरे है बिखरे हुवे |
कुछ सोये है कब्र में गहरी साँस लेकर,
कुछ जागे है अभी माँ की गोद से अग्डाई लेकर|

   

Friday, March 15, 2013

मेरा घर

हां ये ही है मेरा घर......
पीला पुता हुआ, थोडा झुका हुआ...........
बुढा हां शायद बहुत बुढा.............
जो हो चला है अब !
यादो के सहारे ठहरी है.......
अब हर दिवार इसकी..............
वरना शायद कब का गिर चूका होता............
टूट गया होता दिल का हर कोना !!
सोचता हू कुछ मरममत करा दू....
पर लाजमी नही इस  बूढ़े को छूना..........
डर लगता है मुझे भी थोडा.......
कही चल ना बसे 
ओर मैं "चंद्रशेखर" फिर रह ना जाऊ अकेला...........
ओर मैं "चंद्रशेखर" फिर रह ना जाऊ अकेला...........!!

Monday, March 11, 2013

ए  मेरी जिंदगी  जरा ध्यान रख मेरा भी थोडा सा,
अपना कीमती वक्त दे मुझे भी थोडा सा !
माना की तेरा दीदार मुश्किल है मगर.....
अपनी सांसो को महसूस करने दे मुझे भी थोडा सा !!
मुक्कदर का तो मालूम नही,,तू मेरे है या नही...............
कुछ देर धोखे में रहने दे  मुझे भी थोडा सा !!!



Friday, March 8, 2013

अच्छा नही लगता


गुस्सा तेरे चहरे पर...... अच्छा नही लगता,
आसू तेरी आँख में....... अच्छा नही लगता...
मुझे अच्छा नही लगता......तेरा हर बार मुझसे मिल कर बीछड जाना,
आये होथो पर तेरे किसी और का नाम.....मुझे अच्छा नही लगता !!!!
तेरा बात बात पर मुझसे रूठ जाना...... अच्छा नही लगता,
ना मिलना रोज शाम मुझे......अच्छा नही लगता,
मुझे अच्छा नही लगता......रातो को तनहा करवटें बदलना.....
तेरी याद में तकीये को गले से लगा लेना.....मुझे अच्छा नही लगता !!!!!

Thursday, March 7, 2013

http://merekitab.blogspot.com/




ना  मिले  अगर मुझे मोका अलविदा कहने का जिंदगी के आखिरी मोड पर,
समजना अनजान था जिंदगी के रीती रिवाज से !!
दुआ करना हाथ कड़े कर के दोनों,,
कट जाये सफर मरने के बाद तो चैन से !!!!