मेरी किताब
चंद पन्ने जो आ उकरे मेरी किताब से,आंसू आ निकले मेरी आँख से!
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Tuesday, July 9, 2013
बुनाई-ए-शब्द
बहुत तहजीब से करनी पड़ती है बुनाई शब्दों की ए-दोस्तों |
मै "चन्द्रशेखर" बुनता हू कहानियों को कविताओं में ||
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