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Tuesday, May 14, 2013

इजहार ए मोहब्बत करू कभी तो मै,
ये जरुरी तो नही कि तुम जवाब दो कुछ मुझे,
ये भी जरुरी नही है कि करो प्यार तुम भी मुझे,
हां इतना तो है कि जवाब मिले,
मेरे दिल को थोडा आराम मिले,
पर सोच कर ये ही रोकू खुद को,
कही जवाब में इनकार मिले,
अब तू ही बता इस दिल की खता,
कैसे धरती और आसमान मिले.
कैसे कोई राज खुले,
कैसे तू अपना बने |

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