मेरी किताब
चंद पन्ने जो आ उकरे मेरी किताब से,आंसू आ निकले मेरी आँख से!
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Thursday, May 23, 2013
खुद ही शुरुवात करके खुद ही हाल पूछता हू,
और वो "ठीक है तुम्हारे बैगर" कह कर दिल दुखा जाती है |
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